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Showing posts from October, 2020

जो समता समानता और बंधुत्व का आचरण करता है, बौद्ध ही है!

  जो समता समानता और बंधुत्व का आचरण करता है, बौद्ध ही है! भाई आपका प्रश्न ही गलत है! प्रश्न ऐसे करो " क्या कोई वाल्मीकि या जाटव मेरी बहन या बेटी (जैसा सत्य हो) से विवाह करेगा"? बैसे आप किसी के मालिक नही हो इसलिए बात अपनी करो और ऐसे कहो अगर अविवाहित हो तो "कि मैं किसी भी वाल्मीकि या जाटव समाज की लड़की से शादी कर सकता हूँ"! अगर आपने ऐसा कर लिया तो आप मनुवाद के बहार आ गए और जो मनुवाद के बाहर आजाता है वह बौद्ध धर्म को मानने वाला ही होगा उसको अलग से कोई घोषणा करने की आवश्यकता नही है! जो आचरण में समता समानता बन्धुत्व को धारणा नही करते मनुवादी-बौद्ध हैं उनका बौद्ध दर्शन से कोई लेना देना नही है! इसलिए मित्र मुझे आपका प्रश्न औचित्य विहीन लगता है! धारण करे तो धर्म है वर्ना कोरी बात -- क्या समझे ?

Dharm

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  धर्म क्या होता है?? आजकल धर्म के नाम पर धंधा करने वाले लोग लोगों को ज्ञान देते हैं कि हमें किसी धर्म की बुराई नहीं करनी चाहिए, और धर्म के नाम पर फर्जी भगवानों और देवी देवताओं का डर बना कर लोगों को ठगने का धंधा कर रहे हैं। ऐसे मूर्खों को सही और मुफ्त में ज्ञान है जरूर पढें। धर्म का अर्थ है धारन करने योग्य धर्म किसी महापुरुष की विचारधारा होती है जो सभी को आपस में जोड़ने की कोशिश करता है और एक समान करने की कोशिश करता ना कि ऊंच नीच का भेदभाव और नफरत पैदा करे बल्कि आपस में प्रेम करना और सही सामाजिक ज्ञान की शिक्षा देता है। कुछ प्रमुख धर्म और उनके धर्म गुरु बुद्ध धम्म तथागत गौतमबुद्ध जैन धर्म महावीर जैन क्रिस्चियन धर्म ईसा मसीह इस्लाम धर्म मुहम्मद साहब सिख धर्म गुरु नानक देव हिंदू धर्म धर्म गुरु??? कोई भी नहीं भारत में हिंदू नामक धर्म के मानने वाले लगभग 60%हैं लेकिन उन्हें पता ही नहीं है कि हिंदू नामक कोई धर्म नहीं है हिन्दू शब्द मुगलों की दी हुई गाली है जिसका अर्थ काला चोर, गुलाम, लुटेरा, काफिर । हिंदू शब्द धर्म के रूप में सबसे पहले 1918 हुआ था उसके पहले हिंदू धर्म कही भी लिखित र...

jatiyan

ब्राह्मणों ने हमारे समाज का राजनितिकरण करके और विभाजन किया हमें राजनीति का सामाजिकरण करना होगा आजादी के बाद ब्राह्मणों को पता चल गया कि अब देश का कारोबार, राजकाज भारत के संविधान से चलेगा और संविधान की नजर में सभी भारतिय बराबर होंगे कोई भी गैरबराबरी कि विचारधारा, व्यवहार ,भेदभाव गैरकानूनी होगा, असंवैधानिक होगा। सबको वोट का अधिकार होगा सभी के वोटों की वैल्यू बराबर होगी वन मैन, वन वोट वन वैल्यू अब लोकतंत्र में कानून जनता दवारा चुनें हुए प्रतिनिधि बनाएंगे इससे हजारों सालों से देश के निति निर्माता, कानून बनाने पर एकाधिकार रखनेवाले, ब्राह्मण निर्मित गैरबराबरी कि समाज सत्ता के मालिक ब्राह्मणों के सामने संकट खडा हो गया। 6743 जातियों में ब्राह्मणों दवारा बांटे गये लोगों को संविधान ने OBC SC ST के रूप में विशेषाधिकार देकर जोड दिया। यही सामाजिक, संवैधानिक समूह जुड जाते हैं तो ब्राह्मणों का एकाधिकार, ब्राह्मणों का वर्चस्व, गैरबराबरी कि उनकी असामाजिक व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इसके लिए हजारों सालों से शासक वर्ग रहा ब्राह्मण ने 6743 जातियों में बंटे हुए मूलनिवासी बहुजनों का राजनितिकरण करना शुरु किया, ...

*आरक्षण* बहुत सही गणित है

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*आरक्षण* बहुत सही गणित है ,जरा ध्यान दे हमारे गणित पर । माना कि 100 व्यक्ति हैं। और इन 100 व्यक्तियों कोे खाने के लिए 100 रोटियां हैं। वर्तमान में पिछड़ी जाति *OBC* के *60* व्यक्तियों को खाने के लिए *27* रोटियों की व्यवस्था है। इसी तरह अनुसूचित जाति *SC* व जनजाति *ST* के *25* व्यक्तियों के एक समूह के लिए *22.5* रोटियों की व्यवस्था है। अब सामान्य वर्ग के तकरीबन *15 आदमियों* के लिए *50* रोटियां शेष बचती हैं। पर समस्या ये है कि सामान्य वर्ग *GENERAL* के *15* आदमियों में से *3% ब्राम्हण* जाति के आदमी बेहद *शक्तिशाली* हैं जो शेष बची *50 रोटियों* में से लगभग *45 रोटियां* खा जा रहे हैं। अब समस्या ये है कि *सामान्य वर्ग के 12* आदमियों के लिए मुश्किल से सिर्फ *5 रोटियां* ही मिल पा रहीं है। इसी कारण सामान्य जाति के जाट, मराठा, लिंगायत, पटेल या पाटीदार अपने लिए *OBC* की *27 रोटियों* में हिस्सेदारी मांग रहे हैं। अब समस्या ये है कि *ओबीसी के 60* लोग वैसे ही सिर्फ *27 रोटियों* पर गुजारा करके अपनी जिंदगी चला रहे हैं ऐसे में वो जाट, मराठा और लिंगायत में अपने हिस्से की *27 रोटियां* बांटने को हरगिज तैय...

आरएसएस का शरारती लेख जिससे दलित भ्रमित हो सकते हैं

 आरएसएस का शरारती लेख जिससे दलित भ्रमित हो सकते हैं  Drsubash Chandra दलित और पिछड़ों के जीवन में बहुत बदलाव आया है जिसने अपने बच्चों को थोड़ी सी भी शिक्षा दिला दी है वह सरकारी नीति का लाभ उठाकर आगे बढ़ गए और अगली पीढ़ी में इतना ज्यादा आगे बढ़ गए कि अपने पिछड़े और दलित लोगों को भी भूल गए उनकी मदद नहीं की जि का उत्थान हो गया है वह अपना ही उत्थान करने में लगे रहे जबकि उन्हें अब शासन के दिए हुए लाभ की आवश्यकता नहीं थी अपनी जगह अपने दूसरे दलित भाइयों को दिलानी थी फिर और जल्दी उत्थान होता जिस तरह से योगी ने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति गांव में की है और वह कितनी सैलरी दे रहे हैं की उनके स्थान पर जाट यादव राजपूत जातियां भी पचास परसेंट कम से कम भर्ती हुए हैं जो बालवी क्यों का काम कर रहे हैं बाल्मीकि यूके मेहनतकश कार्य को देखते हुए अब तक उनकी सैलरी बहुत कम थी गांव में उनकी सफाई करने के बदले में केवल हर रोज की एक रोटी दे दी जाती थी बाकी विवाह शादी के मौके पर केवल इनाम के चंद रुपए मिलते थे उनके चारों का रहन-सहन का वातावरण गया अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने मैं भी कठिनाई होती थी अब वास्तव ...

बाबरी मस्जिद

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मूढ़ दलित ----

 मूढ़ दलित ---- भाई मेरे, पढ़ने और समझने में अंतर होता है, पढ़ता है कोई भाषा के ज्ञान से और समझता है अपने संस्कारो की जकड़न से, आप क्या समझे ? बाबा साहब ने इस्लाम इसलिए नही ग्रहण किया क्योंकि उन्होंने खोज लिया था कि भारतीयों का धर्म बौद्ध है हिन्दू नही है! इसलिए उन्होंने अपने धर्म में वापसी की! पुष्पेन्द्र द्वारा फैलाई गयी मूर्खताओ से बाहर निकलने का एक रास्ता बताता हूँ ! इव्रहीम लोधी ने लोधी वंश की नीव डाली इव्रहीम लोधी इस्लाम को मानने वाला था! कल्याण सिंह लोधी वंश का है, तो यह हिन्दू कैसे हो गया, इसकी खोज करो? कल्याण सिंह को इतना मूर्ख बना लिया गया कि उसी के हाथो बाबरी मस्जिद गिरवा दी ! मूढ़ताओ से जितनी जल्दी निकल आओ उतना अच्छा है! पुष्पेन्द्र की फैलाई हुई नफरती वीडियो का परिणाम है कि मुस्लिमो का सड़क पर चलना मुस्किल हो गया है! मुस्लिम सोता रहा इसलिए आज वह दुःख भोग रहा है अगर अम्बेडकरवादी सोते रहे तो उनका भी वही हाल होगा जो मुस्लिमो का हो रहा है! मुझे अफशोस है कि SC/ST ग्रुप में लोग इतने सीधे-साधे हैं कि वह यह भी नही समझ पा रहे हैं कि आरएसएस प्रवक्ता पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ दलित समाज के ...

पुष्पेन्द्र के झूंठ

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  बाबरी मस्जिद गिराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है! उस समय का बीबीसी न्यूज़ का विडियो देखोगे तो यह अटल जी के आगे-आगे चलता नजर आएगा इसलिए आज तक उसके हौसले बुलंद हैं! वह कुरान की व्याख्या अपने ढंग से कर-कर के उसका अपमान करता है तो दूसरी ओर बाबा साहब के कथोनो को तोड़-मरोड़ कर पेस करता है ताकि दलित और मुस्लिम आपस में ही लड़ जाएँ! इसके पापो का घड़ा भर चुका है अब इसको इसके किये का दंड मिलाना ही चाहिए! https://www.bhadas4media.com/old/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D/?fbclid=IwAR2udnnOL5vq8wzLp6UFD6QeH3iUpjE3_k32sqmlrQyYCgxbOpMYDBFpc1E

राजपूत काल के राज :--

  राजपूत काल के राज :-- Santosh Tiwari तिवारी जी इतना गुस्सा करना अच्छी बात नही है क्रोध में बुद्धि शून्य हो जाती है! अब सुनो "वात्सायन काम सूत्र" राजपूत काल का सर्व प्रिय ग्रन्थ था जोकि व्यभिचार के मार्ग राज्य को सुझाता है, राज्य अत्याचारी और दुराचारी हो गया था! जिसमें राजा तालूकेदार और राज्य अधिकारी अन्य समाज की औरतो के साथ विवाह न करके केवल व्यभिचार किया करते थे जिससे बड़े पैमाने पर अवैध संताने उत्त्पन्न हो रही थी उन संतानों में लडकियों को देवदासी बना कर शोषण किया जाता था तो दूसरी ओर पुरुषों को गुलाम बनाकर युद्ध में झोंक दिया जाता था ! इस कारण राजपूत काल की वीर गाथाएं बहुत प्रचलित हैं क्योकि युद्ध करने वाले अधिकांश पुरुष अवैध संतान होती थी, जिनके खान-पान पर राज्य ज्य्यादा खर्च नहीं करता था उसी का परिणाम है कि सेना कमजोर रहती थी! राजपूतो के आतंरिक युद्ध में इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा किन्तु जब मुस्लिमो ने आक्रमण किया तो राजपूतो की यह गुलाम सेना उनका सामना नहीं कर सकी और सम्पूर्ण भारत मुस्लिमो का गुलाम होता चला गया! आरएसएस विद्यालय के बाहर की पुस्तके पढोगे तब बुद्धि खुलेगी अन...

DNA

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 https://www.youtube.com/watch?v=xMNxpdES8F0&fbclid=IwAR23CsrGB8XI00J_SuKp4hPUfMi5K-GXRuQrSIUrQDV7jaeVwc8Sx3Ys6Ig

अंतरजातीय विवाह

  Komal Singh   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का इतिहास 👉  मुंशी प्रेमचंद - पत्नी ब्रह्माण 👉  रामनाथ कोविंद - पत्नी ब्रह्माण 👉  रामविलास पासवान - पत्नी ब्रह्माण 👉  प्रकाश अंबेडकरजी - पत्नी ब्रह्माण 👉  सांसद उदित राज- पत्नी ब्रह्माण 👉  रामदास अठावले - पत्नी ब्रह्माण *ब्राह्मण राजनेता और उनके दामाद  :* 👉  अशोक सिघंल, बेटी सीमा सिघंल - मुख्तार अब्बास नकवी. 👉  मुरली मनोहर जोशी, बेटी रेणू जोशी - शाहनावाज हुसैन 👉  लालकृष्ण आडवाणी की बेटी रोशन आडवाणी की दूसरी शादी - सलीम 👉  लालकृष्ण आडवाणी, भतीजी प्रतिभा आडवाणी - अल्ताफ हुसैन 👉  सुबहरण स्वामी, बेटी सुहासिनी - नदीम हैदर. 👉  बालसाहब ठाकरे की पोती - सहजाद 👉  प्रवीण तोगडियाकी लडकी - असफाक मीर 👉  मोहन भागवतकी भतीजी उर्मिला मातोडकर - मोहसीन अख्तर. 👉  शीला दीक्षित, बेटी लतीका दीक्षित - सैय्यद मौहम्मद इमरान 👉  अशोक मणी, बेटी अखिला मणी - शफीन जहाँ. 👉  मोनिका बेदी - अबू सलेम. 👉  संगीता बिजलानी - मोहम्मद अजहरूदीन. *मुस्लिम राजनेता और ऊनकी ...

विवेकानंद को आश्रम से निकाला

  साधना से प्राप्त शक्ति का दुर्पयोग करने के कारण विवेकानंद को आश्रम से निकाल दिया गया था! मनुवादी उसी व्यक्ति को स्थापित करने का प्रयास करते हैं! जिससे वे हिन्दू-मुस्लिम की खायीं पैदा कर सकें! विवेकानंद के दर्शन में हिन्दू मुस्लिम में खायीं पैदा करने की पर्याप्त सामग्री है! आज मोदी-योगी हिंदूं धर्म के प्रतीक हैं जिन्हें अपनी सुख सुविधाएँ चाहिए, अपने समाज के लोगो की पाकेट भर रहे हैं इन्हें सर्व समाज से कोई लेना देना नही है! योगी ठाकुरों के लिए काम कर रहा है तो मोदी लालाओ के लिए काम कर रहा है! हिन्दू धर्म में मानवता होती ही नही है इसलिए उन सभी प्रतीकों का वहिष्कार करो किसकी आड़ लेकर वे अत्याचारी हिन्दू राज्य स्थापित कर पायें हैं! जय भीम

IPC

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  जानिए भारतीय पैनल कोड में धाराओ का मतलब *धारा 307 = हत्या की कोशिश* *धारा 302 =हत्या का दंड* *धारा 376 = बलात्कार* *धारा 395 = डकैती* *धारा 377= अप्राकृतिक कृत्य* *धारा 396= डकैती के दौरान हत्या* *धारा 120= षडयंत्र रचना* *धारा 365= अपहरण* *धारा 201= सबूत मिटाना* *धारा 34= सामान आशय* *धारा 412= छीनाझपटी* *धारा 378= चोरी* *धारा 141=विधिविरुद्ध जमाव* *धारा 191= मिथ्यासाक्ष्य देना* *धारा 300= हत्या करना* *धारा 309= आत्महत्या की कोशिश* *धारा 310= ठगी करना* *धारा 312= गर्भपात करना* *धारा 351= हमला करना* *धारा 354= स्त्री लज्जाभंग* *धारा 362= अपहरण* *धारा 415= छल करना* *धारा 445= गृहभेदंन* *धारा 494= पति/पत्नी के जीवनकाल में पुनःविवाह* *धारा 499= मानहानि* *धारा 511= आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड।* *शेयर जरूर करें ताकि और लोग भी ये जानकारी जान सकें...* *या* *भारतीय दंड संहिता* *या* *भारतीय दंड विधान* by-pm sir *या* *(I. P. C)* *प्रस्तावना* *धारा - 1 =संहिता का नाम और विस्तार।* *साधारण स्पष्टीकरण* *धारा - 21= लोक सेवक।* *धारा - 34 सामान आशय।* *धार...