जो समता समानता और बंधुत्व का आचरण करता है, बौद्ध ही है!
जो समता समानता और बंधुत्व का आचरण करता है, बौद्ध ही है! भाई आपका प्रश्न ही गलत है! प्रश्न ऐसे करो " क्या कोई वाल्मीकि या जाटव मेरी बहन या बेटी (जैसा सत्य हो) से विवाह करेगा"? बैसे आप किसी के मालिक नही हो इसलिए बात अपनी करो और ऐसे कहो अगर अविवाहित हो तो "कि मैं किसी भी वाल्मीकि या जाटव समाज की लड़की से शादी कर सकता हूँ"! अगर आपने ऐसा कर लिया तो आप मनुवाद के बहार आ गए और जो मनुवाद के बाहर आजाता है वह बौद्ध धर्म को मानने वाला ही होगा उसको अलग से कोई घोषणा करने की आवश्यकता नही है! जो आचरण में समता समानता बन्धुत्व को धारणा नही करते मनुवादी-बौद्ध हैं उनका बौद्ध दर्शन से कोई लेना देना नही है! इसलिए मित्र मुझे आपका प्रश्न औचित्य विहीन लगता है! धारण करे तो धर्म है वर्ना कोरी बात -- क्या समझे ?