आरएसएस का शरारती लेख जिससे दलित भ्रमित हो सकते हैं
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आरएसएस का शरारती लेख जिससे दलित भ्रमित हो सकते हैं
दलित और पिछड़ों के जीवन में बहुत बदलाव आया है जिसने अपने बच्चों को थोड़ी सी भी शिक्षा दिला दी है वह सरकारी नीति का लाभ उठाकर आगे बढ़ गए और अगली पीढ़ी में इतना ज्यादा आगे बढ़ गए कि अपने पिछड़े और दलित लोगों को भी भूल गए उनकी मदद नहीं की जि का उत्थान हो गया है वह अपना ही उत्थान करने में लगे रहे जबकि उन्हें अब शासन के दिए हुए लाभ की आवश्यकता नहीं थी अपनी जगह अपने दूसरे दलित भाइयों को दिलानी थी फिर और जल्दी उत्थान होता जिस तरह से योगी ने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति गांव में की है और वह कितनी सैलरी दे रहे हैं की उनके स्थान पर जाट यादव राजपूत जातियां भी पचास परसेंट कम से कम भर्ती हुए हैं जो बालवी क्यों का काम कर रहे हैं बाल्मीकि यूके मेहनतकश कार्य को देखते हुए अब तक उनकी सैलरी बहुत कम थी गांव में उनकी सफाई करने के बदले में केवल हर रोज की एक रोटी दे दी जाती थी बाकी विवाह शादी के मौके पर केवल इनाम के चंद रुपए मिलते थे उनके चारों का रहन-सहन का वातावरण गया अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने मैं भी कठिनाई होती थी अब वास्तव में समय बदल गया है हरिजनों के साथ-साथ समाज में भी शिक्षा का स्तर बढ़ा है और उसका बेनिफिट सरकार ने हर क्षेत्र में दिया भी है इसलिए ऊंच-नीच का भाव हर आदमी को क्या कर प्रेम के साथ सभी लोगों का सहयोग करना चाहिए एक दूसरे के प्रति जलन की भावना नहीं रखनी चाहिए वैसे अब बहुत ही बदलाव आ गया है सब एक दूसरे को मान सम्मान देने लगे हैं पूजा स्थलों में भी छोटी बड़ी जातियों के लोग साथ-साथ जाने लगे हैं वरना प्राचीन काल में जो लोग गंदे वादन में रहते थे उनका तिरस्कार ब्राह्मण लोग करते थे हाइजीन का ध्यान रखते हुए अब सब लोग साफ सफाई से रहने लगे हैं इसलिए सभी हिंदू जातियों को आपस में कोई भेदभाव नहीं है
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- · 23m
- मित्र जिस प्रकार भरी हुई बाल्टी का पानी एक छोटा छेंद निकाल देता है या एक छेंद वाले गुब्बारे में हवा नही भरी जा सकती उसी प्रकार आरएसएस के शरारती तत्वों द्वारा लिखा गया यह लेख है! इसमें दो बड़े छेंद हैं! इसमें हरिजन शब्द का प्रयोग किया गया है! इसका प्रयोग वर्जित है तथा तीन माह की जेल का प्राविधान है! दूसरा मायावती ने एक लाख सफाई कर्मियों की नियुक्ति की थी जिसमें सवर्णों को भी अवसर दिया गया था ! सरकारी नियुक्ति का वेतन तो आने वाली सरकारों को भी देना पड़ता है ऐसी विधि है! किन्तु इस लेख में कहा गया है कि नियुक्ति योगी ने की है यह एक मूर्खता पूर्ण शरारत! मुझे कुछ लिखने से पहले बहुत सोच समझ कर लिखे क्योंकि मैं मूर्खो की संगत नही करता उन्हें तत्काल ब्लॉक कर देता हूँ !
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