दलित शब्द का अर्थ



आजाद भारत मैं कई बार कह चुका हूँ कि शब्दों के अपने कोई अर्थ नहीं होते, समाज उनमें अर्थ डालता था/है जोकि परम्परा बन जाते हैं कई बार तो शब्द अपना सार्भौमिक अर्थ छोड़ देते हैं और एकाकी हो जाते हैं! दलित शब्द का अर्थ आज अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के लोगो से लिया जाता है! क्योकि आज तक इनका पूरा समाज समानता के स्तर तक नही पहुँचने दिया गया है ! अगर दलित शब्द के सार्भौमिक अर्थ के बारे में कहा जाये तो वह व्यक्ति/समाज जो आर्थिक, संस्कृतिक और शारीरिक रूप से कमजोर हों जिसका समाज में स्तर निम्न कोटि का समझा जाता हो!

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