कौन है भंगी ?

कौन है भंगी ? भंगी शब्द का शाब्दिक अर्थ सफाई करने बाला/या गन्दा रहने बाला कैसे हो गया मेरी समझ नहीं आता है? भंग से भंगी शब्द बना है अर्थात भंग को प्राप्त साधक, भंग साधना की वह अवस्था है जिसमें साधक को अपने शरीर की सूक्ष्म कोशिकाओ की हरकतों का बोध होने लगता है इस अवस्था को भंग कहा जाता है जो साधक इस अवस्था को प्राप्त कर लेता है वही भंगी है! जो भंगी है वह मानसिक विकारो से विमुक्त (चित्त-विशुद्धि अर्थत राग, दोष और मोह से) हो जाता है बुद्ध दर्शन में इस अवस्था को श्रोतापन्न (भंगी) अवस्था कहा जाता है यह साधना का प्रथम फल है! मैं तो यही कहूँगा कि ब्राह्मण, ब्राह्मण न रहा, और भंगी, भंगी न रहा, दोनों पाखंडी हो गये ! मेरी नजर में, भंगी होना बहुत गौरव की बात है !
जाति श्रेष्ठता का दंभ भरना, यह एक ला-इलाज वीमारी है ! बाबा साहब ने इसी का इलाज बताया था "बेटी रोटी का सम्बन्ध" किन्तु उच्च शिक्षित मूर्खो ने मनुवादीयो की बेटियों से शादी करना आरम्भ कर दिया ! जिस दिन भारतीय संविधान ख़त्म करने में वे सफल हो जायेंगे उसी दिन शूद्र वर्ण में एक नयी जाति और जोड़ देंगे जो इन उच्च शिक्षितो की संकर संताने होंगी ! जैसे आरएसएस मुस्लिमो को बेटियां देने के बाद आज उनके खिलाफ ही मोर्चा खोले हुए हैं ! अंतरजातीय विवाह करने बाले उच्च शिक्षित SC/ST और OBC को यह समझना होगा, कि शादियाँ आपस में करें और हर हालत में मनुवादियों से दूर रहें, विष कन्यों के चक्कर में न पड़ें !

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