मन्त्र
मित्र, जितेन्द्र यह पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया है और करना अत्यंत कठिन है! सरल होता तो मई ही कर देता! ध्यान से सुने - जब किसी एक शब्द का लगातार उच्चारण किया जाता है तो कंठ और सिर में उस तरह की रसायनिक प्रक्रिया आरम्भ हो जाती है अत्यधिक समय तक करते रहने से, मैग्नेटिक वेव बनने लगती है जिस कारण अडोस-पड़ोस के लोगो के सिर में भी तरंगे उत्पन्न होने लगती है और अन्य लोग भी उसी शब्द का उच्चारण स्वतः करने लगते हैं! इससे एक शब्द में आस्था रखने बालो का संगठन मजबूत हो जाता है! जय श्रीराम, ॐ आदि इसके प्रत्यक्ष उधारण हैं! एक शब्द पर एकत्र हुए लोगो से उस पर कार्य करना आरम्भ कर देते हैं!
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