यादवो की मूर्खताएं
@Alok Yadav इस तरह से परिभाषित करना ठीक न होगा ! विश्व सुन्दरी, मिस वार्ड, एयर होस्ट्स, होटल सर्विस के आलावा रेड एरिया आदि काल गर्ल में उच्च घरानों की औरते होती हैं! कुछ जन-जातियां जो हारे हुए क्षत्रियों की जंगल में भाग गयी औरते हैं ने कालांतर में देह-व्यापर के धंधे में खुद को संलग्न कर लिया ! कुछ स्त्रियों का शोषण करके राजवाड़ों ने अपने पास रख लिया कालांतर में उनकी संतानों को अलग जाति का नाम दे दिया गया ! वे अस्प्रश्य जातियां नही थी आगे भी उनकी सेवा राजा और रजवाड़े लेते रहे उन सभी से देह व्यापर कराया जाता रहा! उन्ही में से अधिकांश को देव-दासी बनाया जाता था ! अस्प्रश्या जातियां देह व्यापर में नही हैं बल्कि वे जहाँ पर है कमजोर हालत में है जातिगत दुर्भावना से उनका शोषण किया जाता है और बंधुआ मजदूरी कराई जाती है ! यादव जी आप अपने को कृष्णवंशी कहना तो छोड़ दो, क्योकि कृष्ण वंश तो कृष्ण के रहते ही गांधारी के श्राप से समाप्त हो गया था ! आप वे ग्वाला हैं जो राजा और रजवाड़ो ने अपने पशुओं की देखभाल के लिए रखा था ! आप यदु-वंशीय नही हैं झूठे अहंकार में फसकर आरएसएस का भला करोगे और ८५% का नुकसान ! ...