आरएसएस को समझो भाग-२
१ संग्राहको में मीडिया घराने, पत्रकार
और आरएसएस जैसे तमाम संगठन (सामाजिक, धर्मिक, राजनीतिक, व्यावसायिक)
फल-फूल रहे हैं बदनाम केवल आरएसएस हुआ है !
२ संग्राहक मृत ब्राह्मणवाद की
वह श्रंखला है जो पुनः अपने स्थापन के लिए संघर्षरत है!
३
किसी भी संग्राहक के विचार को जब आप सोशल मीडीया की साइड पर तलाशोगे तो पाओगे मूल
विचार किसी और ने स्थापित किया था और मर गया.
४ कुछ विचारो की तलाश के लिए
आपको ५० साल पुरानी पुस्तकें तलाशनी होंगी जो कहती कुछ और हैं किन्तु संग्राहक
प्रसारित कुछ और कर रहे हैं !
५ विचारक वे हंस हैं जिनके कदमो
के निशान तक नहीं मिलते,
यह तो संग्राहक हैं जो उनका पुतला लिए घूमते रहते
हैं !
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