Kunal ko javav
भाई सब आप लोगो की सांगत की कृपा से है, इसीलिए हम अपने सहपाठियों को पहचान लेते हैं, बस अब कर्म क्षेत्र अलग अलग हैं आप राज भक्त हो गए हो और हम देश भक्त! आप हिन्दुस्तान के लिए संघर्षरत हो और हम भारत में मौज कर रहें है.! हमारे देश भारत में अक्सर पाकिस्तानियों के भूत और हिनुस्तानियो के भूत में झगडे हो जाते हैं उससे कभी कभी मन विचलित हो जाता है! कोरोना संकट की बजह से लॉक डाउन है इसलिए आपकी अच्छे से बजा रहें है कौन जाने कल हम रहे न रहे ? मेरा बजाना तुम्हें कल बहुत याद आयेगा ! मित्र इतिहासकार और साहित्यकार में अंतर करना सीखो - साहित्यकार कभी भी इतिहासकार नहीं होता कालखंड के अनुसार ! भक्तो की दुविधा यह है कि वे दोनों को एक ही समझते हैं . मित्र थोडा लिखा है पूरा समझ लेना ....
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