वाल्मीकि समाज जय श्रीराम कभी न बोले ---



वाल्मीकि समाज जय श्रीराम कभी न बोले ---

जंग में एक की ही विजय होती है! राम-वाल्मीकि युद्ध में महर्षि वाल्मीकि के शिष्यों की विजय हुई थी! और यह समझौता हुआ था कि आश्रम की भूमि राज्य के अधीन नही होगी! राम-राज्य की फटकर हाथ में आ गयी थी! संबुक ऋषि के आश्रम की भूमि ही कब्ज़ा की जा सकी और उनकी हत्याकर दी गयी! महर्षि वाल्मीकि ने जो इतिहास रचा उसके बाद राम की सेना की कभी हिम्मत नही हुई की आश्रम की तरफ आँख उठाकर देखें! केवल जय वाल्मीकि कहे! जय श्री राम कभी नही बोले! 

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