अपना वर्ण जाने --
अपना वर्ण जाने --
१. कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न बाले जातक ब्राह्मण वर्ण के होते हैं चाहें वे किसी कुल जाति या उप-जाति में ही क्यों न पैदा हुए हों? इसी प्रकार २. मेष, सिंह और धनु लग्न वाले जातक क्षत्रिय वर्ण के होते हैं और ३. वृषभ, कन्या और मकर लग्न बाले जातक वैश्य वर्ण के होते हैं तथा ४. मिथुन तुला और कुम्भ लग्न बाले जातक शूद्र वर्ण के होते हैं! वर्ण जातक(जन्मा-बच्चा) के संभावित गुण और प्रकृति है अगर उसको उन कार्यो को करने का अवसर दिया जायेगा तो वह अच्छा कार्य करेगा अन्यथा वह कुंठित होगा और समाज में विकृति फैलाएगा! ब्राह्मणवर्ण और ब्राह्मण-जाति व ब्राह्मण-जातियों की उपजातियां सभी अलग विषय हैं! ज्योतिष विज्ञान का ज्ञान व्राह्मण-वर्ण, क्षत्रिय-वर्ण, वैश्य-वर्ण और शूद्र-वर्ण के विषय में है! पाखंडियों ने अपने उत्तराधिकारियो को सशक्त बनाये रखने के लिए ब्राह्मण-वर्ण की संतानों को ब्राह्मण कहने लगे जबकि नक्षत्र और लग्न राशि के अनुसार वे किसी अन्य वर्ण के थे! इसलिए वैभव पर मालिकाना हक़ बनाये रखने के चक्कर में पाखंडियों ने ज्योतिष विज्ञान का सत्यानाश कर दिया !
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