मन्त्र शक्ति
दलितों को मन्त्र शक्ति प्राप्त करनी ही होगी!
#### मनुवादियों के मन्त्र -
शूद्रो के विनाश के लिए - जय श्रीराम
स्वयं के स्वास्थ्य के लिए - ॐ
ज्ञान शक्ति और कंठ के की मधुरता के लिए- गायत्री मन्त्र
पारिवारिक कलेश में स्वयं की स्थिरता के लिए - ॐ जय जगदीश हरे
भयभीत होने पर - महाम्रत्युन्जय मन्त्र और हनुमान चालीसा ! आदि
#### जागो दलितों सोते मत रहो !
मन्त्र केवल चित्त को शक्ति प्रदान करता हैं ठीक उसी प्रकार जैसे भोजन शरीर को शक्ति प्रदान करता है!
जिस प्रकार साथ बैठकर भोजन करने से परिवार में प्रेम और भाई चारा बढ़ता है! ठीक उसी प्रकार एक साथ बैठकर मंत्रो (संकल्पों का स्मरण) का पाठ करने से संगठनात्मक शक्ति बढती है! दलितों को दूसरो के मंदिरों में नही जाना चाहिए इससे अपने समाज की संगठनात्मक शक्ति कमजोर होती है!
१. "जय भीम" - शत्रुओ में भय उत्पन्न करता है, विस्तर छोड़ने से पहले 7 बार "जय भीम" का उच्चारण करें, तथा
२. अपने परिवार के किसी ऐसे व्यक्ति को याद करें जिससे आपको अटूट प्रेम हो तथा उसने आपके परिवार को समाज में प्रतिष्ठा दिलाई हो !
(चांहे वह मृत्यु को प्राप्त हो चूका हो या जीवित हो, कोई न मिले तो मनुवाद के विरोधी आदि गुरुओ का स्मरण करें जैसे - बुद्ध, रविदास, दादू कबीर, रजनीश .... आदि ) इसके बाद
३. स्वयं के के कल्याण के लिए नाभी क्षेत्र की संवेदनाओ को महसूस करें और ज्ञान, सम्रद्धि और सुख की इच्छा करें!
उपरोक्त तीनो बातो को ५ मिनट से लेकर २० मिनट तक का समय दे सकते हैं इससे अधिक समय देने की आवश्यकता नही है! बांकी दैनिक कार्य उसी प्रकार करते जाएँ जैसा मन कहे ! मन्त्र शक्ति से आपकी आपके समाज की उत्तरोतर ब्रद्धि होती जाएगी !
Comments
Post a Comment