न्यायालय की जिद


न्यायालय की जिद 


मेरा अनुरोध जिन्दा देश भक्तो से है आप अपना विचार करें! संविधान में सात ही धर्म हैं ! सत्य निष्पक्ष है न्यायालय को बताना होगा कौन सा धर्म ?

अब आठ धर्म हो गए हैं - लिंगायत धर्म को मान्यता मिल गयी है! झारखण्ड व् छत्तीसगढ़ में "सरना धर्म" के लोग भी अलग धार्मिक मान्यता के लिए संघर्षरत हैं! पिछली बार धर्म के आधार पर देश का विभाजन हुआ था फिर बंटेगा अगर न्यायालय ने जिद न छोड़ी ! न्यायालय द्वारा रविदास मंदिर गिराये जाने के बाद रविदास समाज अलग धर्म के रूप में मान्यता की मांग कर रहा है क्योंकि सिक्ख-धर्म में आपस में मतभेद है ! धर्म तो बताना ही होगा कि न्यायालय कौन से धर्म पर काम करेगा? 

Comments

Popular posts from this blog

चमार मूलत बौद्ध है-ओशो

दलित शब्द का अर्थ

यादवो की मूर्खताएं