चार वाक्य & किताबें मेरी जान की दुश्मन
SATYAM
मुझसे चार वाक्य समझ नही आते: "सनातनी-हिन्दूवाद"; "आरएसएस का राष्ट्रवाद"; "वेदों की प्रमाणिकता"; "भाजपा का स्त्री प्रेम"!
बजाते रहो
मुझसे पढ़ने को अब न कहना,
किताबें मेरी जान की दुश्मन, करती मुझ पर अत्याचार रही,
लिखने वालो बचकर रहना, अब तुम्हारी खैर नही
किताबें मेरी जान की दुश्मन, करती मुझ पर अत्याचार रही,
लिखने वालो बचकर रहना, अब तुम्हारी खैर नही
Comments
Post a Comment