शिक्षिका अनामिका शर्मा की कहानी
पत्रकार- अनामिका, आप एक साथ 25 स्कूलों मे नौकरी एक ही समय पर कैसे मैनेज करती थी ?
अनामिका - एक महीने मे 25 दिन स्कूल खुलते है तो मै रोज एक स्कूल जाती थी और छुट्टी लिखकर रजिस्टर मे रख आती थी।
पत्रकार - प्रिंसिपल कुछ बोलता नही था ?
अनामिका - वो 24 दिन की छुटटी का 10000 लेते है।
पत्रकार - 25 सकूलो मे नियुक्ति कैसे होती गयी ?
अनामिका - जिस स्कूल मे नियुक्ति हुई थी बीएसए मुझे प्यार करने लगा उसी ने मुझे 25 स्कूलों मे नौकरी दी और कहा कि एक महीने मे एक स्कूल मे एक ही दिन जाना होगा।
पत्रकार - आपको तनख्वाह कितनी मिलती थी ?
अनामिका- एक स्कूल से 45000
पत्रकार - आगे क्या प्लान था ?
अनामिका- 69000 शिक्षकों की भर्ती का रिजल्ट आ जाता तो मै 50 जिलो मे और नौकरी करने वाली थी
पत्रकार - इतनी हिम्मत आई कहाँ से ?
अनामिका - जब सरकार भृष्टाचार के लिए ही हो तो हर काम संभव है।
पत्रकार- फिर पकङ कैसे गयी ?
अनामिका - एक जिले बीएसए MC निकला वो रिटायर होने वाला है उसको लाक डाउन मे समय से पैसा नही दी तो उसने हरकत कर दी।
पत्रकार - कया और जिलों मे भी ऐसी टीचर है ?
अनामिका - बहुत टीचर है, बीएसए हर टीचर से हर महीने 10-15 हजार लेता है अगर जिले मे 500 स्कूल है तो सोच लो एक महीने मे वो कितना कमा रहा है !!
पत्रकार- बीएसए लङको से भी पैसे लेता है ?
अनामिका - लङको से तो 20-20 हजार लेता है लेकिन उन लङको से नही लेता जो उसको लङकिया सप्लाई करते है
पत्रकार - कया सारे बीएसए अययाश है ?
अनामिका - 90 % बीएसए लङकिया इस्तेमाल करते है और बीएसए 10% गे है वो लङके इस्तेमाल करते है, जिनसे पैसा नही लेते उसकी इज्जत ले लेते है ।
पत्रकार - कोई टीचर विरोध नही करती है ?
अनामिका - सर, 35 साल नौकरी करनी होती है शिकायत करेगे तो रोज स्कूल जाना पङेगा और बच्चो को भी पढाना पङेगा।
पत्रकार - फिर टीचर क्यो बनी जब पढाना ही नही चाहती हो ?
अनामिका - सर, बच्चो को पढाने के लिए कुछ पता भी तो होना चाहिए न !!
पत्रकार - मतलब तुमको कुछ आता जाता नही फिर डिग्री कैसे मिल गयी ?
अनामिका - सर, डिग्री तो स्मृति ईरानी और नरेन्द्र मोदी के पास भी है तो क्या उनको पढे लिखे समझ ले ? डिग्री कही भी बनवा लो आसानी से बन जाती है !!
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