हेला-ब्राहमण या हेला-दलित ?
हेला-ब्राहमण या हेला-दलित ?
आज से कोई १४ साल पहले जब मैं कंप्यूटर पढ़ता था, एक १४ साल का लड़का कंप्यूटर सफाई के लिए रखा था! वह इतना कुशाग्र बुद्धि का था कि २५ साल के कुलीन घरनो के बच्चो से भी अधिक तेजी से सीखता था (एकलब्य की तरह) उसकी छमता को देखकर प्रेमवस मैं उसके घर चला गया, उसके घर जाकर पता चला कि वह "हेला" है मैंने उसके घर जलपान किया और चला आया! आज जब हेला समाज पर शोध कर रहा हूँ तो तमाम ऐसी घटनाएँ याद आ रही हैं जिनमे से यह एक प्रमुख घटना है! मेरे शोध में यह बात आ चुकी है कि "हेला समाज" के बच्चे जन्म-जात कुशाग्र बुद्धि के होते हैं किन्तु सात से चौदह वर्ष की अवस्था तक उनको हीन जाति में पैदा होने का एहसास दिला दिया जाता है इसके साथ ही उनकी मेधा मर जाती है! सम्बूक ऋषि का बध और बाल्मीकि को रामायण लिखने का अधिकार मिलना तथा आरएसएस के सम्मानित नेता और भारत के प्रधान मंत्री का "हेला समाज" का सार्वजानिक रूप से पैर धुलना (जो केवल ब्राह्मण का धुलने की परम्परा है) केवल राजनीतिक घटना नहीं है बल्कि इस बात से यह प्रतीत होता है कि रामायण काल में "हेला-ब्राह्मण" समाज था जो परशुराम के प्रकोप और राजा की स्तुति करने के कारण सम्पूर्ण ब्राह्मण समाज से बहिष्कृत कर दिया गया! गुरुकुल, मंदिर और पूजा स्थल (आराध्य और ध्यान का स्थान छोड़ कर) आदि की सफाई को उनके जन्मजात कर्म से जोड़ दिया गया! "हेला-समाज" के बच्चे आज भी बीज है उनको पर्याप्त हवा-पानी मिला तो, वे आजकल के ब्राह्मण समाज से ज्यादा तेजी से फलित होंगे क्योकि जब बाल्मीकि ने रामायण की रचना की तब लेखन कला नहीं थी श्रुतियां थी " हेला-ब्राह्मणों" ने रामायण को श्रुतियो के आधार पर जीवित रखा है इसलिए राम-राज को चाहने बाले "हेला-ब्राह्मण" के प्रति नमन करते हैं! भाजपा की राजनीतिक मजबूरी यह भी है कि "चमार" को कांग्रेस ने एक लम्बे समय तक पकड़े रखा इसलिए दलित समाज में विभाजन रेखा खीचने के लिए आवश्यक है कि वह "हेला समाज" को अपने से जोड़ कर रखे ! आज हेला-ब्राहमण को हेला-दलित के रूप में जाना जाता है! महाभारत काल में हेला-ब्राह्मण की क्या स्थिति थी? हेला-ब्राहमण गिरते-गिरते गिरा है या एकदम से गिर कर दलित हो गया यह शोध का विषय है !
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