शौर्य का प्रदर्शन कहाँ ?
शौर्य का प्रदर्शन कहाँ ?
SC का लगभग उतना ही आरक्षण है जितना उनकी जन संख्या है और ओबीसी का आधा है किन्तु प्रशासन में बैठे दलित अधिकारी और नेता उसको लागु कराने में कोई रुचि नहीं लेते, इसलिए अन्य विभागों में आज तक कोटा पूरा नहीं हुआ है! जब बोली की भाषा को गोली दी जाये तो बुलट की भाषा में समझाना काउंटर डिफेन्स है जबतक दलित और पिछड़े इस बात को नहीं समझ जाते कोई भे मनुवादी आरक्षण या प्रतिनिधित्व किसी को भी लागू नहीं होने देगा क्योकि उनको अपनी कोम के अधिकार के लिए मरना और मारना आता है ! दलित और पिछडो को तो अपने ही भाई की लंगोटी खोलने में ही शौर्य का प्रदर्शन प्रतीत होता है ! निकट भविष्य में पिछड़ो में बुद्धि आ जाएगी इसका अनुमान नहीं किया जा सकता है ! दलितों में भी बही स्थिति है सब नयी उपजातियो को जन्म दे रहे हैं कोई खुद को चमार या हेला कहलाना पसंद नहीं करता है !
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