तलवार की भाषा में भी समझाया जा सकता है !

तलवार की भाषा में भी समझाया जा सकता है !

बौद्धों ने दो हजार बर्षो तक धैर्य से काम लिया किन्तु आरएसएस ने जब बदले की परम्परा आरंभ कर दी है तो खून-खराबा भी होगा क्योंकि सम्राट अशोक ने जब धम्म विजय आरम्भ की थी तो कहा था हम विश्व शांति के लिए तलवार का त्याग करते हैं किन्तु कोई तलवार की भाषा ही समझता है तो मौर्य बंश का यह दायित्व बन जाता है कि उसे तलवार की भाषा में भी समझाए !

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