बुद्ध धर्म की शाखाएं और उपशाखाएं-

बुद्ध धर्म की शाखाएं

यदि वे अम्बेडकरवादी बौद्ध हैं तो २२ प्रतिज्ञाओं में ऐसी प्रथाओ पर प्रतिबन्ध लगाया गया है! यदि वे दक्षिण भारत के पुराने बुद्धिस्ट हैं तो वे ऐसी प्रथाओ में कोई रुचि नहीं रखते हैं! यदि वे महायानी हैं और बुद्ध को विष्णु का अवतार मानते हैं तो बुद्ध की पूजा करने के साथ वे हिन्दुओ के अन्य तीज त्योहार मानते हैं और मना सकते हैं, इसका विरोध करने का कोई औचित्य नहीं है! हिन्दुओ के बुद्ध उनके सैंकड़ो देवी-देवता में से एक हैं वे खुद को महायानी या हिन्दू कह सकते हैं! किन्तु अम्बेडकरवादी या दलितो को इस विषय में जागरूक करने की जरुरत है न कि निंदा करने की! शायद आप को पता हो मुस्लिम धर्म की तरह बुद्ध धर्म की भी सैंकड़ो शाखाएं हैं उनकी संस्कृति और पूजा पद्दतियां हैं यह जानने का विषय है न कि घ्रणा और निंदा करने का विषय !

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