भ्रटाचार में विजातीय दलित -

भ्रटाचार में विजातीय दलित -

विजातीय दलित सामान्यतः नगरो, महानगरो की कोठियो में पाए जाते हैं इन्होने न तो गरीवी का दंश झेला होता है और न ही जातिवाद का उत्पीडन ! हलके से प्रयास से यह दलितों की आरक्षित सीटें हथिया लेते हैं और ऐयासी का जीवन जीते हैं अपनी कोठियो में काम करने के लिए इन्हें भी सजातीय दलित चाहिए होता है इसलिए यह कभी भी गरीवी उन्मूलन की नीतियों को लागू करने में द्रढ़ता नहीं दिखाते और भ्रष्टाचार में संलिप्त हो जाते हैं इस प्रकार पिछले ७० सालो से गरीवी उन्मूलन का सरकारी धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता रहा है !

Comments

Popular posts from this blog

चमार मूलत बौद्ध है-ओशो

दलित शब्द का अर्थ

यादवो की मूर्खताएं